तुस्सीपुरा
गांव में रामसिंह
बाबा उर्फ पप्पड़
बाबा का भरापूरा
परिवार है। बाबा
की उम्र के
बारे में कहा
जाता है कि
वे 105 साल के
हैं। दावा किया
जाता है कि
बाबा को कुछ
दिन पहले सपना
आया था कि
अगर उन्हें मोक्ष
पाना है तो
समाधि ले लें।
बाबा ने इसके
लिए नवरात्रि के
पहले दिन का
समय तय किया।
बाकायदा उन्होंने अपनी समाधि
के लिए करीब
पांच फुट गहरा
गड्ढा खुदवाया।
तुस्सीपुरा
में गुरुवार को
सुबह पांच बजे
पप्पड़ बाबा ने
अपने नाती प्रेमसिंह
कुशवाह को दोपहर
दो से पांच
बजे के बीच
समाधि लेने की
जानकारी दी। उन्होंने
कहा कि वे
अपना चोला त्याग
(देह त्याग) कर
समाधि लेंगे। उनकी
समाधि की तैयारियों
का आसपास के
कई गांव में
प्रचार हो गया
तो लोग समाधि
के पहले बाबा
के दर्शन करने
गांव में पहुंचना
शुरू हो गए।
दोपहर सवा दो
बजे बाबा समाधि
के खोदे गए
गड्ढे में उतर
गए तो लोगों
ने ढोलक बजाकर
भजन-कीर्तन गाते
हुए उन्हें विदा
करने की तैयारी
शुरू कर दी।
लोगों ने मिठाई
और फल-फ्रूट
का प्रसाद भी
चढ़ाया। कई लोगों
ने रुपए भी
भेंट किए।
समाधि की सूचना पाकर सिविल लाइन थाना की पुलिस तुस्सीपुरा गांव में पहुंची तो भारी भीड़ होने से श्रद्धालुजनों को समझाया गया। बाबा के हाथ जोड़कर उन्हें गड्ढे से बाहर आने का आग्रह किया गया। पुलिस ने सभी को रोका और बाबा को जबरण गड्ढे से टांगकर बाहर निकाला। समाधि के गड्ढे में दो घंटे से ज्यादा लेटने के बाद बाबा की तबियत बिगड़ गई। पुलिस यहां से उन्हें सीधे लेकर अस्पताल गयी और वहां उन्हें भर्ती करा दिया।
मामले पर पप्पड़ बाबा का कहना है कि, 'हम समाधि लेना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों ने जो हमें पसंद नहीं करते हैं, उन्होंने मामला बिगाड़ दिया। पुलिस बुलाकर हमें अस्पताल भिजवा दिया। हम इस बात से दु:खी हैं।' थाना प्रभारी सिविल लाइन विनय यादव ने बताया कि उन्हें समझाबुझाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मगर मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
